शिकायत होगी तो भुगतना पड़ेगा: ए के शर्मा उर्जा एवं नगर विकास मंत्री
आज जनसुनवाई के दौरान उर्जा मंत्री एके शर्मा ने जन शिकायतों का निस्तारण करते हुए कहा जन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण हमेशा से हमारी प्राथमिकता रही है।इसी कार्य हेतु मानवीय सुनवाई और परम्परागत व्यवस्थाओं के अतिरिक्त टेक्नोलॉजी आधारित व्यवस्थाएं बहुत उपयोगी हैं। भूतकाल में माननीय नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय में SWAGAT नाम की और प्रधानमंत्री कार्यालय में PRAGATI तथा एमएसएमई मंत्रालय में CHAMPIONS नामक व्यवस्था बनाई थी।
उत्तर प्रदेश में मंत्री बनने के बाद अपने दोनों विभागों से संबंधित जन शिकायतों के निस्तारण हेतु हमने एक नई ऑनलाइन व्यवस्था-SAMBHAV (sambhav.up.gov.in) बनाई है।
इसे दिन प्रतिदिन और प्रभावी बनाने तथा नीचे क्षेत्रीय स्तर पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत हूँ।
1. SAMBHAV व्यवस्था के तहत हमारे द्वारा सप्ताह में दो दिन (सोमवार और गुरुवार) को प्रातः 10:30 बजे जनसुनवाई की जाती है।
2. इस बहुविधिक (Multi-modal) प्लेटफॉर्म (Platform) के तहत ही महीने में एक बार जन समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ता से आमने-सामने बातचीत करने के लिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी करता हूँ।
3. जिन उपभोक्ताओं / व्यक्तियों की शिकायतों का निस्तारण होना है, उनको भी इस बातचीत (Interaction) में वीडियो अथवा टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है।
4. इसके लिए हर माध्यम से प्राप्त शिकायत को समावेश किया जाता है। जैसे: हमारा TEJ पोर्टल, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी के पोर्टल, हमारे प्रवास इत्यादि से।
5. इतना ही नहीं सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को ऊर्जा एवं नगर विकास विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी निकाय/ बिजली विभाग पर प्रातः 10 से 2 बजे अपराह्न तक संभव व्यवस्था के तहत जनसुनवाई करते हैं।
6. मंगलवार को विभाग के उच्च अधिकारी यही कार्य करते हैं।
7. इस व्यवस्था को अब और जिम्मेदार बनाने के लिए के लिए यह भी व्यवस्था बनाई गई है कि हर स्तर पर पोर्टल पर दर्ज शिकायत की रिसिप्ट शिकायतकर्ता को दी जाय।
8. बिजली विभाग व नगर विकास विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा अपने यूजर लॉगिन के माध्यम से उन्हें मिलने वाली शिकायतों को संभव पोर्टल पर डालते हैं और हमारे स्तर से उसका प्रभावी निरीक्षण किया जाता है।
9. स्थानीय, क्षेत्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्भव नामक यह समन्वित (Integrated) कार्यक्रम शुरू किये जाने के पीछे की भावना एवं आशय (Spirit & Intent) यह है कि जो शिकायत जहाँ प्राप्त हो, वहीं पर उस शिकायत का निस्तारण होना चाहिए।
निवारण योग्य कोई जन शिकायत उपस्थित होती है तो उसके निस्तारण में विलम्ब या गैर जिम्मेदारी सिद्ध होने पर संबंधित दोषी कर्मी को दण्ड देने की व्यवस्था भी है। इस जनता दर्शन में काफी लोग अपनी अपनी शिकायतें लेकर उपस्थित हुए थे जिसके अतिसिघ्र निस्तारण हेतु मंत्री जी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया।